NEET paper Leak : नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले में देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसला लिया है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले मासूम छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन आपराधिक इतिहास वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और बंगाल सरकार का रुख
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ) ने देश भर में नीट प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों और नाबालिगों को रिहा करने के आदेश दिए थे।
इस आदेश के मद्देनजर पश्चिम बंगाल गृह विभाग ने बयान जारी कर स्पष्ट किया…
* छात्रों को राहत: नीट परीक्षा धांधली के विरोध प्रदर्शन में शामिल सामान्य छात्रों पर कोई सख्त या दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।
* अपराधियों पर शिकंजा: जिन लोगों का पहले से आपराधिक इतिहास (Criminal Record) रहा है, उन्हें यह सुरक्षा नहीं मिलेगी और पुलिस कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाएगी।
कोलकाता प्रदर्शन और 16 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी
24 जुलाई को कोलकाता में वामपंथी छात्र संगठनों (जैसे SFI) ने सीलदाह से एस्प्लेनेड तक एक विशाल जुलूस निकाला था। इस दौरान….
* प्रदर्शन में हिंसा, कथित देश-विरोधी नारे और विवादित पोस्टर लहराने के आरोप लगे।
* ऑन-ड्यूटी पत्रकारों पर हमला करने की घटनाएं सामने आईं।
* पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट ड्रामा: कैसे मिली 16 लोगों को जमानत?
मंगलवार को जब चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में गिरफ्तार 16 आरोपियों को पेश किया गया, तो घटनाक्रम कुछ इस प्रकार रहा…
* शुरुआती रिमांड: सरकारी वकीलों की मांग पर कोर्ट ने पहले आरोपियों को 30 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
* सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला: बचाव पक्ष के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले की कॉपी पेश की, जिसमें आंदोलनकारी छात्रों पर कड़ी कार्रवाई से मना किया गया था।
* अपराधिक रिकॉर्ड की जांच: मजिस्ट्रेट के पूछने पर जांच अधिकारी ने बताया कि 16 में से 5 आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। हालांकि, वे पिछले मामलों में दोषी सिद्ध हुए थे या नहीं, इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
* जमानत मंजूर: कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रुख को ध्यान में रखते हुए सभी 16 आरोपियों को ₹500 के निजी मुचलके (Bond) पर जमानत दे दी।
आगे की राह: क्या सरकार करेगी अपील?
भले ही मेट्रोपॉलिटन कोर्ट से सभी 16 आरोपियों को जमानत मिल गई हो, लेकिन बंगाल सरकार ने संकेत दिए हैं कि जिन 5 लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है और जिन पर पत्रकारों से मारपीट के आरोप हैं, उनकी जमानत रद्द कराने के लिए सरकार उच्च अदालत में अपील करने पर विचार कर रही है।