Jharkhand Protest :झारखंड छात्र आंदोलन पर संसद में रार: मकर द्वार पर आमने-सामने आए पक्ष-विपक्ष, जोरदार नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप

Bindash Bol

Jharkhand Protest : संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा गूंज उठा। संसद परिसर से लेकर सदन के भीतर तक सत्ता पक्ष (NDA) और विपक्ष (INDIA ब्लॉक) के बीच तीखी तनातनी देखने को मिली। संसद के मकर द्वार के बाहर दोनों पक्षों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही में गतिरोध बना रहा।

NDA का विपक्ष पर हमला: “चर्चा से भाग रहे हैं राहुल गांधी”

​भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के सांसदों ने संसद परिसर में मार्च निकाला और कांग्रेस व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए एनडीए सांसदों ने “गृह मंत्री की चर्चा से राहुल गांधी भागो मत” जैसे नारे लगाए।

* ​अनुराग ठाकुर (भाजपा सांसद): “कांग्रेस केवल ‘झूठ की दुकान’ चला रही है। झारखंड में युवाओं पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन राहुल गांधी चुप हैं। गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठे बयान देते हैं और सदन में चर्चा से भागते हैं।”

* ​बांसुरी स्वराज (भाजपा सांसद): “राहुल गांधी भूल रहे हैं कि झारखंड में उनकी पार्टी भी सरकार का हिस्सा है। छात्र केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और जवाबदेही चाहते हैं।”

* ​अन्य एनडीए नेता: चिराग पासवान, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल और डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष बार-बार गोलपोस्ट बदलकर सदन का कामकाज बाधित कर रहा है और राज्य सरकार द्वारा छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज व वाटर कैनन के इस्तेमाल पर पूरी तरह मौन है।

कांग्रेस का पलटवार: “पहले सदन में आएं गृह मंत्री”

​दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी सांसदों ने भी जोरदार प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति की मांग रखी। विपक्ष “अमित शाह सदन में आओ” के नारे लगाता दिखा।

* ​पवन खेड़ा (कांग्रेस मीडिया पवन/नेता): “गृह मंत्री की उपस्थिति के बिना इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा संभव नहीं है। अमित शाह सदन से भाग रहे हैं। वे खुद को ‘लोह पुरुष’ कहते हैं, लेकिन असलियत यह है कि वह जंग खा चुका लोहा हैं। आरएसएस और बीजेपी के लोग हमेशा से कायर रहे हैं। अगर हमारी सरकार आई, तो हम इस व्यवस्था को सुधारेंगे।”

* ​उज्ज्वल रमण सिंह (कांग्रेस सांसद): “झारखंड सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर पूरी जिम्मेदारी से काम कर रही है। राहुल गांधी का स्पष्ट रुख है कि छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए। बीजेपी सिर्फ राजनीति कर रही है।”

गतिरोध बरकरार

​झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों को लेकर एनडीए जहां कांग्रेस को घेरने में जुटी है, वहीं विपक्ष गृह मंत्री के बयान की मांग पर अड़ा हुआ है। दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण संसद में चर्चा के बजाय हंगामा और राजनीतिक वार-पलटवार ही हावी रहा।

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