India Vs China : सीमा पर पैंतरेबाज़ी और नाम बदलने की चालबाज़ियों में माहिर चीन को भारत ने इस बार उसकी ही भाषा में करारा जवाब दिया है। भारत सरकार द्वारा सर्वे ऑफ इंडिया (Survey of India) के आधिकारिक नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की 27 प्रमुख जगहों—झीलों, बस्तियों और स्मारकों—को नई और सही पहचान दिए जाने से बीजिंग के पेट में मरोड़ उठने लगी है। हमेशा की तरह बौखलाए चीन ने जब इस कदम पर ऐतराज जताया, तो भारत के विदेश मंत्रालय ने दो टूक शब्दों में बीजिंग को आईना दिखा दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन के गीदड़ भभकियों को हवा में उड़ाते हुए साफ कहा…
”अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। यह एक ऐसा स्वयंसिद्ध सत्य है, जिसे चीन का कोई भी फर्जी दावा या झूठी आपत्ति बदल नहीं सकती।”
भारत के आक्रामक रुख से बिलबिलाया चीन
2017 से चुपके से अरुणाचल की जगहों का नाम बदलकर अपनी झूठी संप्रभुता चमकाने वाला चीन इस बार भारत के अपने ही इलाके में आधिकारिक नामकरण करने से बुरी तरह बिलबिला गया है। चीन के सरकारी पोंगा-पंडित और प्रोपेगैंडा मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने रोना रोते हुए इसे भारत का ‘एकतरफा कदम’ बताया और धमकियाँ तक दे डालीं कि इससे सीमा पर हालात बिगड़ सकते हैं।
लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि चीन की ये धमकियाँ अब बेअसर हैं। तथाकथित ‘दक्षिण तिब्बत’ के काल्पनिक दावों पर पलने वाले बीजिंग को भारत का यह करारा संदेश है कि अपने नक्शों में फर्जीवाड़ा करने का दौर अब खत्म हो चुका है।
नाम बदलने का चीन का ‘इल्लीगल गेम’ अब नहीं चलेगा
इससे पहले भी अप्रैल में विदेश मंत्रालय ने चीन की इन नापाक कोशिशों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा था कि फर्जी नाम रख देने से कोई दूसरा देश भारत की जमीन हथिया नहीं सकता। चीन का यह पैंतरा गैर-कानूनी है और भारत इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
साफ है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक कूटनीति के साथ चीन के हर दुस्साहस और प्रोपेगैंडा को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है!