CJP Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन में हिस्ट्रीशीटर हाजी अफजाल की मौजूदगी पर उठे सवाल, जांच के घेरे में प्रदर्शन

Bindash Bol

CJP Protest: 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के चर्चित हिस्ट्रीशीटर हाजी अफजाल का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह अपने कुछ समर्थकों के साथ नारेबाजी करता दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद उसकी मौजूदगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाजी अफजाल की पत्नी हज्जन शकीला आम आदमी पार्टी (AAP) की पार्षद हैं, जिसके चलते मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।

हाजी अफजाल का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हाजी अफजाल के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, आर्म्स एक्ट, DPDP एक्ट और MCOCA सहित गंभीर धाराओं में कुल 26 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि, समय के साथ कुछ मामलों में वह बरी हो चुका है, जबकि कुछ मामलों में उसे सजा भी मिली।

पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ अंतिम मामला वर्ष 2009 में सीलमपुर थाने में दर्ज हुआ था। FIR संख्या 296/2009 में DPDP एक्ट की धारा 3 के तहत केस दर्ज किया गया था। वहीं FIR संख्या 18/2009 में MCOCA के तहत अदालत ने 28 अगस्त 2013 को उसे दोषी करार देते हुए छह वर्ष की सजा सुनाई थी।

इलाके में लंबे समय से रहा प्रभाव

सूत्रों के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के कई चर्चित अपराधियों के साथ हाजी अफजाल का नाम समय-समय पर जुड़ता रहा है। यह भी दावा किया जाता है कि उसके परिवार के अन्य सदस्यों, विशेषकर उसके भाइयों, के खिलाफ भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। ऐसे में जंतर-मंतर प्रदर्शन में उसकी मौजूदगी ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

हिंसा में भूमिका को लेकर जांच

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाजी अफजाल प्रदर्शन में किस उद्देश्य से पहुंचा था। क्या वह केवल प्रदर्शन में शामिल था या फिर प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और झड़प में उसकी अथवा उसके समर्थकों की कोई भूमिका थी?

हालांकि, अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें हाजी अफजाल को हिंसा में शामिल बताया गया हो। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी मौजूदगी प्रदर्शन स्थल पर दर्ज हुई है और वह समर्थकों के साथ नारेबाजी करता दिखाई दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान हुई थी हिंसक झड़प

NEET पेपर लीक मामले को लेकर CJP ने 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च का आयोजन किया था। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें निर्धारित बैरिकेड्स पर रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घटना में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। वहीं बाद में कनॉट प्लेस स्थित टॉलस्टॉय मार्ग के पास भी तनावपूर्ण स्थिति बनी, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पुलिस पर पथराव और बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई। इस दौरान दो एसीपी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका पर आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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