FIFA World Cup 2026 : भीषण गर्मी और तापमान के कड़े इम्तिहान के बीच फ्रांस ने आखिरकार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में एंट्री कर ली. फिलाडेल्फिया में खेले गए राउंड ऑफ 16 के एक कड़े मुकाबले में फ्रांस ने पैराग्वे को 1-0 से शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही फ्रांस ने लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप के टॉप-8 में जगह बनाई है. अब गुरुवार को मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में होने वाले महामुकाबले में फ्रांस की भिड़ंत इतिहास रच रही मोरक्को की टीम से होगी.
एम्बाप्पे का ऐतिहासिक पेनल्टी गोल
मैच के दौरान मौसम खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ. मैदान पर पारा करीब 100 डिग्री फारेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) के आसपास मंडरा रहा था, जिसके चलते ‘एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग’ जारी की गई थी. इस उमस भरे मौसम और पैराग्वे के आक्रामक खेल के सामने फ्रांसीसी टीम लगातार संघर्ष करती दिखी. आखिरकार मैच के 70वें मिनट में फ्रांस को वह मौका मिला जिसका उसे इंतजार था. वीडियो रीव्यू (VAR) के बाद पैराग्वे के डिएगो गोमेज को बॉक्स के अंदर ट्रिपिंगका दोषी पाया गया और फ्रांस को पेनल्टी मिल गई.
किलियन एम्बाप्पे ने अपने अंदाज में थोड़ा रुकते हुए शानदार शॉट लगाया और गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया. यह गोल फ्रांस को जीत दिलाने और क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का करने के लिए काफी था. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे ने विश्व कप इतिहास में एक नया मील का पत्थर छू लिया. यह किलियन एम्बाप्पे के वर्ल्ड कप करियर का 19वां गोल है. वह अब वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने के अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं.
गोल्डन बूट की रेस में बराबरी की टक्कर
इस मौजूदा टूर्नामेंट में किलियन एम्बाप्पे और लियोनेल मेसी के बीच ‘गोल्डन बूट’ की रेस काफी रोमांचक हो गई है. दोनों ही खिलाड़ी 7-7 गोल के साथ इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. ऐसे में किलियन एम्बाप्पे और लियोनेल मेसी ने लिए क्वार्टर फाइनल मैच काफी अहम रहने वाले हैं. इन स्टार्स की नजर जीत के साथ इस रेस में बढ़त हासिल करने पर भी रहने वाली है.
मोरक्को ने कनाडा को हराया
अजेदीन ओउनाही के दो गोल की मदद से मोरक्को ने कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है. इस तरह से वह वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में एक से अधिक बार पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया. पहला हाफ गोलरहित छूटने के बाद मोरक्को ने अपना असली रंग दिखाया और दनादन तीन गोल करके सह-मेजबान कनाडा का जादुई अभियान आगे नहीं बढ़ने दिया.
ओउनाही ने 50वें और 82वें मिनट में गोल किए. उसकी तरफ से तीसरा गोल सोफियान रहीमी ने इंजरी टाइम के आठवें मिनट में किया. कनाडा ने भी अच्छा खेल दिखाया लेकिन वह मिले मौकों का फायदा नहीं उठा पाया. इसके बावजूद कनाडा के लिए यह वर्ल्ड कप यादगार बन गया, क्योंकि वहां फुटबॉल लोकप्रिय नहीं है और वहां के लोगों पर आइस हॉकी का जादू सर चढ़कर बोलता है. यही कारण है कि उसके कोच जेसी मार्श टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए. मार्श ने कहा, ‘यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि कनाडा की टीम इंटरनेशनल स्तर पर ऐसे मुकाम पर है, जिसकी 10 साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.