Jharkhand : झारखंड में प्रतियोगी भर्ती प्रक्रियाओं (JPSC और JSSC) को लेकर जारी छात्र आंदोलन ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। रांची, गिरिडीह और हजारीबाग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

राजधानी रांची में टकराव और गिरफ्तारी
अल्बर्ट एक्का चौक और चडरी तालाब के पास JPSC रिफॉर्म्स मंच के छात्र सीएम का पुतला फूंकने जा रहे थे।
रास्ते में मौजूद JMM कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए छात्रों से पुतला छीन लिया, जिसके बाद धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया।
गिरिडीह और हजारीबाग का हाल

गिरिडीह: झंडा मैदान में पुतला दहन से पहले ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की। पूरी घटना का वीडियो सीसीटीवी में दर्ज होने की बात सामने आई है।
हजारीबाग: यहां भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दावा कर रहे छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हुई।
विवाद की जड़
राज्य सरकार द्वारा 18 अगस्त को 22 भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द करने, 6 को स्थगित करने और 17 को जांच के दायरे में डालने के फैसले के खिलाफ छात्र आक्रोशित हैं। हाईकोर्ट द्वारा सरकार के रद्दीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार कोर्ट में अपने ही आदेश का सही से बचाव नहीं कर पाई।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
बाबूलाल मरांडी (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष): “शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर झामुमो समर्थकों का हमला लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। सरकार कानून हाथ में लेने वालों पर तत्काल कार्रवाई करे।”
विनोद पांडेय (झामुमो महासचिव): “भाजपा छात्रों और युवाओं को ढाल बनाकर माहौल बिगाड़ रही है। कोचिंग माफिया और राजनीतिक हित साधने वाले लोग छात्रों को भड़काकर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।”
