* सावधान: रांची, खूंटी… झारखंड के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट, आंधी-वज्रपात का भी खतरा
* सावधान रहें, सुरक्षित रहें!
* हजारीबाग–रामगढ़ समेत झारखंड के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है और आज भी बारिश जारी रहने की संभावना
Jharkhand : बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है।राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में देर रात से तेज हवा के साथ लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और 23 सितंबर की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के बीच से गुजरा है। इसके प्रभाव से झारखंड में अगले तीन दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।
50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार-गुरुवार को दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी झारखंड के अलावा रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और धनबाद में भारी बारिश की संभावना है। वहीं गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
इन जिलों में भी भारी बारिश की संभावना
24 सितंबर को बारिश का असर दक्षिण-पश्चिमी झारखंड में अधिक रहने की संभावना है। सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रांची, गुमला और खूंटी में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा और बोकारो समेत उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
25 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम
25 सितंबर को बारिश का फोकस उत्तर-पश्चिमी झारखंड और उससे सटे उत्तर-मध्य हिस्सों में रहने की संभावना है। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के साथ हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान पूरे राज्य में गरज, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटे झारखंड के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। लोगों को बारिश और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने तथा तेज हवा के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
