* नतीजे आते ही महागठबंधन में फूटा ‘सियासी बम’! कांग्रेस ने अपने ही सहयोगियों पर विश्वासघात का आरोप लगाकर झारखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया।
Jharkhand Rajya Sabha: झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन की एकजुटता की पोल खोलकर रख दी है। JMM के बैजनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी ने जीत दर्ज कर ली, लेकिन हार से ज्यादा चर्चा कांग्रेस के तीखे आरोपों की हो रही है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने सीधे-सीधे RJD और माले पर “धोखा” देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कांग्रेस के सभी 16 विधायक पूरी तरह एकजुट रहे और पार्टी उम्मीदवार प्रणव झा को पूरे 16 वोट मिले। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि JMM के हिस्से के वोट भी कांग्रेस उम्मीदवार को मिले, लेकिन RJD और माले ने ऐन वक्त पर साथ छोड़ दिया।
कांग्रेस ने परिमल नाथवाणी की जीत को “धनबल की जीत” बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर अतिरिक्त वोट किसके इशारे पर गए। चुनावी नतीजों के अनुसार बैजनाथ राम को 30 वोट, परिमल नाथवाणी को 28 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि महागठबंधन में किसने खेल किया और किसने भरोसा तोड़ा? राज्यसभा चुनाव खत्म हो गया है, लेकिन झारखंड की सियासत में आरोपों का यह संग्राम अभी लंबा चलने वाला है।