Vaibhav Suryavanshi : वंस इज लक, ट्वाइस इज प्रूफ!

Bindash Bol

* वैभव की दहाड़ और कामयाबी का कड़ा सच

रेहान अहमद
Vaibhav Suryavanshi : 15 साल के वैभव ने छोटी सी उम्र में वो सबक सीख लिया है,जिसे समझने में लोगो की पूरी जिंदगी खत्म हो जाती है,सबक ये है कि,

Once is luck, twice is proof.”

दुनिया किसी के भी एक बार के कारनामे से कभी impress नहीं होती,एक बार की success को fluke माना जाता है, जैसे पिछले IPL में 35 गेंद में century, और under 19 के final में 175 रन मारने के बाद भी experts को वैभव पर DOUBT था, वैभव को उसकी PERFORMANCE पर नहीं उसकी उम्र पर जज किया जा रहा था।

फिर क्या, फिर वैभव ने prove करने का फैसला किया और इस IPL में,जो भी किया प्रूव करने के लिए किया।बुमराह की पहली गेंद पर छक्का मारने को है,कोई fluke न कहे,इसलिए दो गेंद बाद,वैभव बुमराह को फिर एक छक्का मारता है।

दुनिया के टॉप बॉलर को एक बार मारना कोई fluke न समझे इसलिए, वैभव अगले मैच में, भुवनेश्वर और हेजलवुड जैसे टॉप बॉलर को भी मैदान का पूरा चक्कर लगवाता है,और जब आधा IPL खत्म होने के बाद कमिंस वापस लौटे,तो उन्हें भी नहीं बख्शा, और उस प्रफुल्ल को भी नहीं,जिसने वैभव को गोल्डन डक पर आउट किया था।

इस साल Csk के खिलाफ उसकी 15 बाल कि फिफ्टी को कोई fluke न कहे,इसलिए ये लड़का दो मैच बाद फिर से उतनी ही गेंद में फिफ्टी मार कर दिखाता है,और आज फिर से।

बहुत से लोग,एक इनिंग, एक फिल्म,एक गाने या किसी एक video की कामयाबी के बाद, कामयाबी के जश्न में बिजी हो जाते है,और फिर उन्हें न इतिहास याद रखता है, ना ही लोग।

Life is cruel , आप चाहे सचिन तेंदुलकर के ही बेटे क्यू न हो, you have to prove yourself every day,in every game, आपको क्या लगता है,दुनिया एक रात की कामयाबी की वजह से धोनी,रोहित या विराट को महान मानती है? नहीं भाई,

धोनी को सब ग्रेट कैप्टन इसलिए नहीं मानते है,क्योंकि धोनी ने वर्ल्ड कप जिताया है, बल्कि इसलिए मानते है क्योंकि धोनी ने दो बार वर्ल्ड कप जिताया है,चार बार IPL जीता है।

रोहित शर्मा को सब hitman इसलिए नही बूलाते क्योंकि उन्होंने डबल सेंचुरी मारी है,बल्कि इसलिए बुलाते है,क्योंकि भाई में तीन तीन डबल सेंचुरी मारी है।

कोहली को chase master इसलिए नहीं कहते है,क्योंकि कोहली ने एक बार chase करके जिताया है, बल्कि इसलिए कहते है क्योंकि बार बार, या यू कहे कि हर बार करके दिखाया है।

जिंदगी पहाड़ पर गाड़ी चलाने जैसी है,जब आप पहाड़ पर गाड़ी ऊपर की तरफ चढ़ा रहे होते है,तो जितनी ऊंचाई पर आप पहुंचते है, gravity आपको उतनी ही ताकत से नीचे की तरफ खींचती है। इसी gravity से आगे वैभव का भी सामना होगा।

पर ऐसे में रास्ता एक ही होता है,कि बस ऊपर चढ़ते जाने का, कुछ भी हो जाए, ब्रेक न लो,इसलिए ये लड़का किसी मैच में किसी बोलर के खिलाफ रुकने थामने का सोच ही नहीं रहा है,क्योंकि उसे पता है कि जिस ऊंचाई पर उसे चढ़ना है,उस ऊंचाई के नीचे की खाई, दोगुनी ताकत से नीचे खींचती है, और अगर इसी तरह ये लड़का बिना ब्रेक के दौड़ता रहा, बहुत से बोलर के करियर खत्म करके मानेगा।

आप कोई भी काम करते है, किसी भी filed में है,उस filed का boss बनना है तो success के लिए जितनी मेहनत करते है,उसकी दो गुना मेहनत success को repeat करने के लिए करे। और यकीन मानिए,एक बार आपको success repeat करने का चस्का लग गया, आप खुद अपनी potential देखकर हैरान हो जाएंगे।

इसलिए,पूरी जान लगाकर मेहनत कीजिए, और कामयाबी की ढलान पर ब्रेक लेने की गलती कभी मत कीजिएगा,रेंगते रहिए, इंच दर इंच,ही सही थोड़ा थोड़ा ही,ऊपर चढ़ते जाइए,बस रुकना नहीं, कामयाबी की ढलान पर ग्रैविटी लोगो को bully करने के लिए बदनाम है, पर आप अड़ जाए, तो सूर्यवंशी कहलाएंगे।

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