* विधानसभा घेराव से पहले पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग
* रांची के स्टेडियम में जमा हुए JPSC, JSSC स्टूडेंट्स.
* रांची प्रोटेस्ट: आज विधानसभा की तरफ कूच करेंगे छात्र.
* प्रदर्शन को लेकर रांची प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद.
Students Protest : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो हफ्ते से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आज प्रस्तावित विधानसभा मार्च को देखते हुए पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है. वहीं आठ दिन से अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आज विधानसभा घेराव की तैयारी पूरी हो चुकी है.
अनशन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो के वजन में 10.5 किलो की कमी का दावा किया गया है. रात करीब 3 बजे मेडिकल टीम, सिटी एसपी, सदर SDO, सदर CO और ADM रांची मौके पर पहुंचे. साथ ही स्थिति को देखते हुए देवेंद्र नाथ महतो को अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.
हम अनशन नहीं तोड़ेंगे: देवेंद्र महतो
देवेंद्र महतो ने कहा कि हम अनशन नहीं तोड़ेंगे, चाहे मेरा चादर कफन में बदल जाए. वहीं सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता को देवेंद्र नाथ महतो ने सकारात्मक बताया. सरकार की हाई लेवल कमिटी में शामिल चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो का हालचाल लिया. मंत्रियों ने भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया.
आज का विधानसभा घेराव जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद भी आज का विधानसभा घेराव जारी रहेगा. महतो ने छात्रों से रांची पहुंचकर विधानसभा घेराव को ऐतिहासिक बनाने की अपील की. वहीं आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों से समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से छात्र-अभिभावक रांची पहुंचे हैं. अभिनेता पीयूष मिश्रा ने भी देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर आंदोलन को समर्थन दिया. JPSC-JSSC न्याय मंच के मुताबिक आंदोलन की चर्चा देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही है.
बीजेपी अध्यक्ष को किया नजरबंद
बीजेपी के नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू को नजरबंद कर दिया गया है. बीजेपी के प्रदेश महासचिव बाउरी ने कहा कि साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार सफलता हासिल नहीं कर पाएगी. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य विधानसभा के पास प्रस्तावित धरने-प्रदर्शन को देखते हुए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं.
विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा, छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च में शामिल हों, क्योंकि पिछले दो हफ्ते से अधिक समय से जारी उनके प्रदर्शन में उन्होंने अनुशासन बनाए रखा है. एडीजी ने कहा, यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रव करने वालों को मार्च में शामिल होने से रोका जाए.
रांची एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, हम नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण किसी छात्र के करियर पर दाग लगे. शहर के प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ अवरोधक लगाए गए हैं.
विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा
एसएसपी ने बताया कि विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में छह अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा पहले ही लागू की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि यह आदेश इन दिनों सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, रांची में प्रस्तावित मार्च को देखते हुए रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी ऐसी ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.
उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील
रांची जिला प्रशासन ने आंदोलनकारी छात्रों से किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में शामिल नहीं होने की अपील की है. प्रशासन ने विधानसभा मार्च के दौरान हिंसा और गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी दी है. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि झारखंड के विभिन्न हिस्सों से राजधानी रांची आ रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस बलपूर्वक रोक रही है. भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. इस दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर हैं.
विधानसभा घेराव से पहले पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा. छात्रों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर करीब 12 स्थानों पर कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई है. इन बैरिकेडिंग में नुकीले स्टील के तार लगाए गए हैं, जिन्हें पार करना मुश्किल है. ऐसे में इन्हें पार करने की कोशिश करने पर प्रदर्शनकारियों के घायल होने की आशंका भी बनी हुई है.
आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर प्रशासन सतर्क
इधर, विधानसभा घेराव को लेकर छात्रों के रांची पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है. विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र राजधानी पहुंच चुके हैं, जबकि कई और छात्रों के सोमवार सुबह रांची पहुंचने की संभावना है. आंदोलन को देखते हुए कुछ जिलों में जिला प्रशासन की ओर से बस संचालकों को सोमवार को रांची के लिए बसों का परिचालन नहीं करने का निर्देश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है. इससे राजधानी में छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. अब सभी की नजर सोमवार को होने वाले विधानसभा घेराव पर है. छात्रों और सरकार के बीच वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन के आगे के स्वरूप को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है.