CWG 2026 : स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए 1 अगस्त का दिन ऐतिहासिक बन गया। जहां एक ओर भारतीय मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदकों की झड़ी लगा दी, वहीं ट्रैक पर गुलवीर सिंह ने ऐसा कारनामा कर दिखाया जो अब तक कोई भारतीय नहीं कर सका था।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले 27 वर्षीय गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 13:24.95 का समय निकालते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के 5000 मीटर इवेंट में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।
रोमांच से भरपूर रही फिनिशिंग
यह मुकाबला आखिरी क्षण तक बेहद रोमांचक रहा। गुलवीर ने कांस्य पदक महज 0.04 सेकेंड के अंतर से अपने नाम किया। चौथे स्थान पर रहे केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई उनसे केवल 0.04 सेकेंड पीछे रहे, जिसने इस जीत को और भी यादगार बना दिया।
इससे पहले गुलवीर इसी कॉमनवेल्थ गेम्स में 10000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीत चुके थे। अब 5000 मीटर में कांस्य जीतकर वह कॉमनवेल्थ गेम्स एथलेटिक्स में दो अलग-अलग ट्रैक इवेंट में पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए हैं।
सेना में भर्ती का सपना, बना इतिहास रचने की राह
गुलवीर सिंह की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक है। उन्होंने शुरुआत में भारतीय सेना में भर्ती होने के लिए दौड़ना शुरू किया था। साल 2018 में सेना में शामिल होने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में भारत की नई पहचान बन गए।
उन्होंने 2022 एशियन गेम्स की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। वहीं 2026 में हाफ मैराथन को 59 मिनट 42 सेकेंड में पूरा कर वह एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय धावक भी बने।
ग्लासगो में मिला यह नया ऐतिहासिक पदक न केवल गुलवीर सिंह के शानदार करियर में एक और उपलब्धि जोड़ता है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।