Gaza : गाजा में शांति की सबसे बड़ी पहल! ट्रंप ने पेश किया 20-सूत्रीय फॉर्मूला, अब नेतन्याहू के फैसले पर टिकी दुनिया
Israel : मिडिल ईस्ट में ऐतिहासिक डील! ट्रंप का बड़ा ऐलान—गाजा से हटेगी इजराइली सेना, हमास करेगा सरेंडर?
Donald Trump : ऐसा पहली बार हो सकता है जब गाजा में बंदूकें खामोश हों, इजराइली सेना पीछे हटे और हमास हथियार डाल दे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा को लेकर एक 20-सूत्रीय ऐतिहासिक शांति योजना पेश कर मिडिल ईस्ट की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। हमास ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है—क्या बेंजामिन नेतन्याहू इस डील को मंजूरी देंगे?
ट्रंप का बड़ा दांव, गाजा में नई व्यवस्था का प्लान
व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह समझौता चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि जैसे ही हमास हथियार छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करेगा, इजराइली सेना गाजा से पीछे हट जाएगी। इसके बाद इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स और नई फिलिस्तीनी पुलिस मिलकर गाजा की सुरक्षा संभालेंगे।
20-सूत्रीय प्लान में क्या है?
ट्रंप की योजना में हमास के हथियारों का समर्पण, सुरंगों का खात्मा, गाजा से इजराइली सेना की वापसी, तकनीकी विशेषज्ञों की फिलिस्तीनी सरकार का गठन और युद्ध से तबाह गाजा के पुनर्निर्माण का रोडमैप शामिल है।
हमास तैयार, लेकिन हथियारों पर अभी भी अड़चन
हमास ने गाजा में अपनी सरकार भंग करने और सत्ता संयुक्त राष्ट्र समर्थित तकनीकी समिति को सौंपने की बात स्वीकार की है। हालांकि संगठन अब भी अपने हथियारों को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहा। उसका कहना है कि पहले शुरुआती चरण लागू किए जाएं, उसके बाद हथियारों पर बातचीत होगी।
क्या नेतन्याहू मानेंगे?
यहीं सबसे बड़ा पेच फंसा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा प्रस्ताव उनकी सभी सुरक्षा मांगों को पूरा नहीं करता। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर इजराइल इस समझौते से पीछे हटता है तो राष्ट्रपति ट्रंप बेहद निराश होंगे।
सात अक्टूबर की जंग के बाद सबसे बड़ा मौका
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुई जंग ने गाजा को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया। हजारों लोगों की जान जा चुकी है और पूरा इलाका मानवीय संकट से जूझ रहा है। ऐसे में ट्रंप की यह पहल युद्ध खत्म करने की अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक कोशिश मानी जा रही है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या नेतन्याहू इस शांति योजना पर मुहर लगाएंगे या गाजा में जंग का सिलसिला अभी और लंबा चलेगा।