Harsh Singh: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। पहले अस्मिता डे ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया और कुछ ही देर बाद हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा दिया। पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की। इस जीत के साथ हर्ष सिंह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए।
ऐसे तय किया गोल्ड मेडल तक का सफर
* हर्ष सिंह ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबलों में दबदबा बनाए रखा।
* राउंड ऑफ-16: चिकोंडी काथेवेरा को 100-0 से हराकर धमाकेदार शुरुआत की।
* क्वार्टर फाइनल: वानुअतु के एलन मोंटौएल को एकतरफा मुकाबले में मात दी।
* सेमीफाइनल: ऑस्ट्रेलिया के पेड्रो कार्लोस अंटुन नेटॉ को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
* फाइनल: ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 से शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
कैसा रहा हर्ष सिंह का सफर?
हर्ष सिंह घरेलू जूडो प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। इसी दमदार प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के जरिए कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में जगह बनाई। दिलचस्प बात यह है कि उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव अभी ज्यादा नहीं है।
इस साल कजाकिस्तान में आयोजित बारीसी ग्रैंड स्लैम 2026 में हर्ष सातवें स्थान पर रहे थे। इसके अलावा वह टोक्यो ग्रैंड स्लैम, ताशकंद ग्रैंड स्लैम और एशियन सीनियर चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
अस्मिता डे ने भी दिलाया स्वर्ण पदक
हर्ष सिंह से पहले भारत की अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को गोल्डन स्कोर में हराकर खिताब अपने नाम किया।
इन दो स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के जूडो मुकाबलों में दो गोल्ड मेडल जीतकर नया इतिहास रच दिया।